देहरादून में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कार्यक्रम के दौरान प्रदर्शनकारियों ने अंकिता भंडारी मामले में न्याय की मांग उठाई। पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया।
देहरादून में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दौरे के बीच अंकिता भंडारी मामले को लेकर प्रदर्शन हुआ। रिपोर्टों के अनुसार आइसा के दो नेताओं सहित कुछ प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया। प्रदर्शन के दौरान अंकिता को न्याय दिलाने की मांग करते हुए नारे लगाए गए। यह मामला उत्तराखंड में लंबे समय से राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का विषय बना हुआ है। अंकिता भंडारी की हत्या के बाद से विभिन्न सामाजिक संगठनों, राजनीतिक दलों और नागरिक समूहों की ओर से समय-समय पर न्याय और पारदर्शी जांच की मांग उठाई जाती रही है। अमित शाह के देहरादून दौरे के दौरान प्रदर्शन होने से यह मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े सभी सवालों का जवाब सामने आना चाहिए और पीड़ित परिवार को न्याय मिलना चाहिए। दूसरी ओर, गृह मंत्री के दौरे को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की हुई थी। बड़े राजनीतिक और सरकारी कार्यक्रमों के दौरान आयोजन स्थल के आसपास भीड़ नियंत्रण, यातायात और सुरक्षा को लेकर विशेष इंतजाम किए जाते हैं। ऐसे में प्रदर्शनकारियों को कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने से रोकने या कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस कार्रवाई कर सकती है। उपलब्ध रिपोर्टों में हिरासत में लिए गए कुछ लोगों की जानकारी दी गई है, लेकिन सभी प्रदर्शनकारियों की संख्या और बाद में उनकी रिहाई की स्थिति के बारे में अंतिम जानकारी अलग से पुष्टि की जानी चाहिए।
अंकिता भंडारी प्रकरण उत्तराखंड में महिला सुरक्षा, पर्यटन स्थलों पर रोजगार की परिस्थितियों और जांच प्रक्रिया की पारदर्शिता से जुड़े व्यापक सवालों को सामने लाता रहा है। इस मामले पर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप भी जारी हैं। हालांकि, किसी भी नए आरोप या दावे को जांच और न्यायिक प्रक्रिया के तथ्यों के आधार पर ही देखा जाना चाहिए। प्रदर्शन और हिरासत की घटना के बाद भी पीड़ित परिवार की मांगों, जांच की स्थिति और कानूनी प्रक्रिया पर सार्वजनिक चर्चा जारी रहने की संभावना है।
