उत्तराखंड पुलिस को मिला राष्ट्रपति का प्रतिष्ठित निशान, यह सम्मान पाने वाला देश का 16वां पुलिस बल बना राज्य

देहरादून पुलिस लाइन में अमित शाह ने प्रदान किया प्रेसिडेंट्स कलर; मुख्यमंत्री धामी और डीजीपी दीपम सेठ रहे मौजूद।

उत्तराखंड पुलिस के लिए 6 नवंबर का दिन ऐतिहासिक उपलब्धि लेकर आया। देहरादून स्थित रिजर्व पुलिस लाइन में आयोजित समारोह के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उत्तराखंड पुलिस को राष्ट्रपति का प्रतिष्ठित निशान यानी प्रेसिडेंट्स कलर प्रदान किया। इस सम्मान के साथ उत्तराखंड देश का 16वां ऐसा पुलिस बल बन गया है, जिसे यह प्रतिष्ठित पहचान मिली है। समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। प्रेसिडेंट्स कलर किसी पुलिस बल को उसकी उत्कृष्ट सेवाओं, अनुशासन, साहस और कर्तव्यनिष्ठा के लिए दिया जाने वाला महत्वपूर्ण सम्मान है। इसे राज्य पुलिस के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

समारोह में अमित शाह ने उत्तराखंड पुलिस की विभिन्न क्षेत्रों में निभाई गई भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि राज्य पुलिस ने आपदा प्रबंधन, साइबर सुरक्षा और नशा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय काम किया है। चारधाम यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था संभालना भी पुलिस के सामने बड़ी जिम्मेदारी होती है। पर्वतीय भौगोलिक परिस्थितियों, कठिन रास्तों और प्राकृतिक आपदाओं के बीच पुलिसकर्मियों को कई बार चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में काम करना पड़ता है। गृह मंत्री ने पुलिस बल के अनुशासन और आपदा के समय त्वरित प्रतिक्रिया की प्रशंसा की। कार्यक्रम में उत्कृष्ट सेवा देने वाले पुलिसकर्मियों को राष्ट्रपति पदक भी प्रदान किए गए।

उत्तराखंड पुलिस के लिए यह सम्मान केवल एक प्रतीकात्मक उपलब्धि नहीं, बल्कि भविष्य में और बेहतर कार्य करने की जिम्मेदारी भी है। राज्य में पर्यटन और तीर्थाटन बढ़ने के साथ पुलिस के सामने भीड़ प्रबंधन, सड़क सुरक्षा, साइबर अपराध, महिला सुरक्षा और नशे के अवैध कारोबार पर नियंत्रण जैसी चुनौतियां बढ़ी हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, बर्फबारी और अन्य आपदाओं के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों में पुलिस की भूमिका महत्वपूर्ण रहती है। प्रेसिडेंट्स कलर मिलने से पुलिस बल के मनोबल को मजबूती मिलने की उम्मीद है। अब विभाग के सामने इस सम्मान की प्रतिष्ठा बनाए रखने और आम नागरिकों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी और महत्वपूर्ण हो गई है।