Chamoli: नंदादेवी राजजात के आयोजन को लेकर कुलसारी काली मंदिर के प्रांगण में एक समन्वय बैठक का आयोजन किया गया, जिसमे तीनो विकासखंडों के जनप्रतिनिधियों , बधाण पट्टी चौदह सयानो ,कुरुड़ के गौड़ पुजारियों समेत धार्मिक आस्था से जुड़े लोगों ने राजजात के आयोजन को लेकर अपने अपने विचार रखे।
बैठक में राजजात के आयोजन को 2027 में कराने को लेकर विवाद की स्थिति भी बनी रही ,जहां एक ओर चौदह सयानो ने नंदादेवी राजजात की तैयारी को लेकर जिलाधिकारी चमोली के पत्र का हवाला देते हुए कहा कि सरकार स्वयं 2026 में राजजात कराने की स्थिति में नहीं है लिहाजा निर्जन पड़ावों में जिस राहत रास्तो की बदहाल स्थिति है उसे देखते हुए राजजात 2027 में ही होनी चाहिए।
चौदह सयानो ने एकमत होकर कहा कि राजजात का इतिहास रहा है कि बारह वर्ष में मनोती की जाती है और 12 वर्षों के बाद ही राजजात का आयोजन होता आया है। इसलिए वे 2027 में ही राजजात के पक्षधर हैं।
वहीं कुरुड़ बड़ीजात समिति के अध्यक्ष कर्नल हरेन्द्र सिंह रावत ने बताया कि कुरुड़ में हुई महापंचायत के बाद भगवती के पश्वा को अवतरित किया गया और अवतरण के बाद बड़ीजात के आयोजन को 2026 में ही कराए जाने का निर्णय लिया गया था। उन्होंने कहा कि इस बीच कोई विषम परिस्थिति निकल कर आती है तभी 2026 में बड़ीजात के निर्णय पर पुनर्विचार किया जाएगा अन्यथा महापंचायत में लिए गए निर्णय के अनुसार 2026 में ही बड़ीजात का आयोजन किया जाएगा।

Календарь огородников на март 2026 года
Календарь огородников на март 2026 года
schzan