पीएम किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त जारी, उत्तराखंड के 8 लाख से अधिक किसानों को मिले 161.96 करोड़ रुपये

केंद्र सरकार की किसान सम्मान निधि योजना से प्रदेश के लाखों किसानों को आर्थिक सहायता, खेती-किसानी के खर्चों में मिलेगी मदद।

उत्तराखंड के किसानों के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से जुड़ी महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। योजना की 24वीं किस्त जारी होने के बाद प्रदेश के आठ लाख से अधिक किसानों को कुल 161.96 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्राप्त हुई है। केंद्र सरकार की इस योजना का उद्देश्य पात्र किसानों को खेती से जुड़ी छोटी-बड़ी जरूरतों के लिए आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराना है। उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य में खेती करना कई बार चुनौतीपूर्ण होता है। यहां छोटी जोत, पहाड़ी भूगोल, सीमित सिंचाई सुविधाएं और जंगली जानवरों से फसलों को होने वाला नुकसान किसानों की मुश्किलें बढ़ाते हैं। ऐसे में किसानों को मिलने वाली आर्थिक सहायता उनके लिए उपयोगी साबित हो सकती है।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को सालाना 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता तीन समान किस्तों में दी जाती है। प्रत्येक किस्त में 2,000 रुपये सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजे जाते हैं। इस व्यवस्था का उद्देश्य किसानों को बिचौलियों से मुक्त रखते हुए सीधे आर्थिक लाभ पहुंचाना है। उत्तराखंड में भी बड़ी संख्या में छोटे और सीमांत किसान इस योजना से जुड़े हुए हैं। प्राप्त सहायता का उपयोग किसान बीज, खाद, कृषि उपकरण और खेती से जुड़ी अन्य आवश्यकताओं पर कर सकते हैं। हालांकि योजना का लाभ लेने के लिए पात्रता संबंधी शर्तों का पूरा होना जरूरी है।

उत्तराखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि आजीविका का महत्वपूर्ण आधार है। पहाड़ों में कई परिवार खेती के साथ पशुपालन और अन्य छोटे व्यवसायों पर निर्भर हैं। ऐसे में आर्थिक सहायता मिलने से परिवारों को कुछ राहत मिलती है। विशेषज्ञों का मानना है कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए केवल आर्थिक सहायता पर्याप्त नहीं है, बल्कि सिंचाई, बेहतर बीज, कृषि विपणन, भंडारण और स्थानीय उत्पादों के उचित मूल्य की व्यवस्था भी जरूरी है। मंडुवा, झंगोरा, राजमा, चौलाई और अन्य पारंपरिक उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराया जाए तो किसानों की आमदनी में वृद्धि हो सकती है। पीएम किसान योजना के तहत मिली यह राशि प्रदेश के लाखों किसानों के लिए राहत की खबर है।