उत्तराखंड के युवाओं के लिए बड़ी घोषणा, देहरादून में बनेगा अग्निवीर ट्रेनिंग सेंटर

मुख्यमंत्री धामी ने युवा केंद्र की भूमि पर प्रशिक्षण केंद्र बनाने की घोषणा की, हर ग्राम पंचायत में सीएम खेल क्लब खोलने की भी तैयारी।

उत्तराखंड के युवाओं को सेना में भर्ती की तैयारी के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महत्वपूर्ण घोषणा की है। देहरादून में अग्निवीर प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर आयोजित रन फॉर यूनिटी कार्यक्रम के दौरान यह घोषणा की। प्रस्तावित प्रशिक्षण केंद्र के माध्यम से सेना में भर्ती होने की तैयारी कर रहे युवाओं को शारीरिक प्रशिक्षण और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। उत्तराखंड को सैनिकों की भूमि के रूप में जाना जाता है और प्रदेश के अनेक युवा भारतीय सेना में सेवा देने का सपना देखते हैं। ऐसे में राजधानी में प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना युवाओं के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

मुख्यमंत्री के अनुसार देहरादून के आमवाला स्थित युवा केंद्र के पास उपलब्ध खाली भूमि को युवा कल्याण विभाग के नाम हस्तांतरित किया जाएगा। इस भूमि पर मिनी स्टेडियम और अग्निवीर प्रशिक्षण केंद्र विकसित करने की योजना है। इससे युवाओं को खेल गतिविधियों के साथ सेना में भर्ती की तैयारी के लिए भी बेहतर अवसर मिल सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की युवा शक्ति राज्य और देश के भविष्य का आधार है। युवाओं को सही दिशा, प्रशिक्षण और संसाधन उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले युवाओं को कई बार भर्ती की तैयारी के लिए दूसरे शहरों में जाना पड़ता है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर सुविधाएं विकसित होने से उन्हें राहत मिल सकती है।

मुख्यमंत्री ने इसी कार्यक्रम में प्रदेश की प्रत्येक ग्राम पंचायत में सीएम खेल क्लब खोलने की घोषणा भी की। इसके अलावा सीएम चैंपियनशिप ट्रॉफी के अंतर्गत खेल प्रतियोगिताओं की पुरस्कार राशि पांच लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपये करने की बात कही। वर्तमान में आयोजित होने वाले 32 खेलों की संख्या बढ़ाकर 50 करने और पारंपरिक खेलों को भी शामिल करने की योजना है। मुख्यमंत्री ने पीआरडी जवानों के मानदेय में बढ़ोतरी का भी ऐलान किया और बताया कि इस संबंध में जल्द बैठक की जाएगी। इन घोषणाओं का उद्देश्य प्रदेश में खेल संस्कृति को मजबूत करना और ग्रामीण युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर देना है।