अमित शाह के देहरादून दौरे पर राज्योत्सव और पुलिस अलंकरण समारोह, उत्तराखंड पुलिस को मिलेगा राष्ट्रपति निशान

केंद्रीय गृह मंत्री आज देहरादून में राज्योत्सव समारोह और पुलिस लाइन में आयोजित अलंकरण कार्यक्रम में शामिल होंगे। सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस और प्रशासन ने विशेष इंतजाम किए हैं।

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह का शुक्रवार, 6 नवंबर को उत्तराखंड दौरा प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक गतिविधियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनके कार्यक्रम में देहरादून के परेड ग्राउंड में आयोजित उत्तराखंड राज्योत्सव समारोह और रिजर्व पुलिस लाइन में होने वाला पुलिस अलंकरण समारोह शामिल है। जारी कार्यक्रम के अनुसार शाह सुबह 11:50 बजे परेड ग्राउंड में राज्योत्सव कार्यक्रम में शामिल होने वाले हैं। इसके बाद दोपहर 1:50 बजे रिजर्व पुलिस लाइन में उत्तराखंड पुलिस को राष्ट्रपति निशान यानी प्रेसिडेंट्स कलर प्रदान करने का कार्यक्रम निर्धारित है। राज्य स्थापना दिवस से जुड़े आयोजनों के बीच गृह मंत्री की मौजूदगी को सरकार और भाजपा संगठन दोनों के लिए अहम माना जा रहा है। राष्ट्रपति निशान पुलिस बल को उसकी विशिष्ट सेवाओं, अनुशासन और उपलब्धियों के लिए दिया जाने वाला प्रतिष्ठित सम्मान है।

उत्तराखंड पुलिस के लिए राष्ट्रपति निशान प्राप्त करना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। पुलिस बल को यह सम्मान मिलने से राज्य पुलिस की संस्थागत पहचान और राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठा को मजबूती मिलेगी। पुलिसकर्मियों के लिए यह सम्मान केवल एक औपचारिक अलंकरण नहीं, बल्कि लंबे समय से किए जा रहे कार्यों, कानून व्यवस्था बनाए रखने, आपदा प्रबंधन, अपराध नियंत्रण और जनसेवा के प्रयासों की पहचान के रूप में देखा जाता है। उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य में पुलिस की जिम्मेदारियां कई स्तरों पर होती हैं। चारधाम यात्रा, कांवड़ मेला, कुंभ और अन्य धार्मिक आयोजनों में भीड़ प्रबंधन के साथ-साथ सीमावर्ती और दुर्गम क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना भी पुलिस के कार्यक्षेत्र का हिस्सा है। प्राकृतिक आपदाओं, सड़क दुर्घटनाओं और पर्वतीय क्षेत्रों में रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान भी पुलिसकर्मी अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर काम करते हैं। राष्ट्रपति निशान से सम्मानित होने का कार्यक्रम इन सेवाओं को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान देने का अवसर है।

अमित शाह के दौरे को देखते हुए देहरादून में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। परेड ग्राउंड और पुलिस लाइन के आसपास पुलिस बल की तैनाती, प्रवेश और निकास व्यवस्था, पार्किंग तथा यातायात नियंत्रण पर विशेष ध्यान दिया गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक दिन पहले परेड ग्राउंड पहुंचकर तैयारियों का निरीक्षण किया था। उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ व्यवस्थाएं पूरी करने और आम जनता को अनावश्यक परेशानी से बचाने के निर्देश दिए थे। प्रशासन की ओर से कार्यक्रम स्थलों के आसपास वाहनों की आवाजाही नियंत्रित करने और जरूरत के अनुसार मार्गों में बदलाव की व्यवस्था बनाई गई है।

गृह मंत्री के दौरे के दौरान भाजपा की ओर से राजनीतिक कार्यक्रम भी आयोजित किया जा रहा है। रिपोर्टों के अनुसार अमित शाह भाजपा के ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत जनसभा को संबोधित करेंगे। अगले वर्ष प्रस्तावित विधानसभा चुनावों से पहले राज्य में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो रही हैं। भाजपा इस अभियान के जरिए अपने कार्यकर्ताओं और समर्थकों को संगठित करने की कोशिश कर रही है। वहीं विपक्षी दल सरकार की नीतियों और कुछ विवादित मुद्दों को लेकर सवाल उठा रहे हैं। अमित शाह का दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब राज्य में अंकिता भंडारी प्रकरण को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी जारी है। कांग्रेस और अन्य विपक्षी समूह इस मुद्दे पर जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। इस कारण दौरे के दौरान सुरक्षा और राजनीतिक गतिविधियों के साथ-साथ विरोध प्रदर्शनों पर भी प्रशासन की नजर बनी हुई है।

देहरादून के लोगों के लिए इस दौरे का सबसे प्रत्यक्ष असर यातायात व्यवस्था पर दिखाई दे रहा है। परेड ग्राउंड के आसपास कुछ मार्गों को जीरो जोन में रखा गया है और कई स्थानों पर वाहनों को वैकल्पिक रास्तों से भेजने की व्यवस्था की गई है। पुलिस लाइन में अलंकरण समारोह के दौरान भी कुछ सड़कों पर वाहनों की आवाजाही नियंत्रित रहेगी। इसके साथ ही धनतेरस और त्योहारों की खरीदारी के कारण बाजारों में भीड़ बढ़ने की संभावना को देखते हुए अतिरिक्त यातायात व्यवस्था लागू की गई है। पलटन बाजार, धामावाला, मच्छी बाजार और पीपलमंडी जैसे व्यस्त इलाकों में वाहनों के प्रवेश और पार्किंग को लेकर विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। आम नागरिकों और व्यापारियों से अपील की गई है कि वे यात्रा से पहले ट्रैफिक प्लान देख लें और निर्धारित पार्किंग स्थलों का उपयोग करें।

राज्य के लिए यह दौरा दो दृष्टियों से महत्वपूर्ण है। एक ओर उत्तराखंड पुलिस को राष्ट्रपति निशान मिलने का समारोह पुलिस बल के सम्मान और मनोबल से जुड़ा है, वहीं दूसरी ओर राज्योत्सव कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री की भागीदारी केंद्र और राज्य सरकार के बीच राजनीतिक तथा प्रशासनिक समन्वय को भी दर्शाती है। आने वाले समय में राज्य के सामने कानून व्यवस्था, पर्यटन सुरक्षा, पलायन, रोजगार और बुनियादी ढांचे जैसे कई मुद्दे रहेंगे। ऐसे में गृह मंत्री के दौरे के दौरान होने वाले भाषणों और घोषणाओं पर भी लोगों की नजर रहेगी। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता कार्यक्रमों को सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराना तथा शहर में सामान्य यातायात को यथासंभव सुचारु बनाए रखना है।